Radha Rani

    Availability:      In Stock

ISBN : 978-93-87918-15-3
AUTHOR NAME : Ramnath Gupta
YEAR: 2018
BOOK CODE: M-007
MEDIUM: Hindi
Format: Paper Back
PRICE: 30

Rs. 30

Qty:

श्रीराधा श्रीकृष्ण की शक्ति हैं। राधा के बिना श्रीकृष्ण पूर्ण नहीं हैं यह बात तो वे स्वयं श्रीराधा से कहते हैं। राधा का चरित्र इतना विशाल और रहस्यमय है कि उसे समझना अत्यंत कठिन है। भागवतपुराण में राधा नाम का उल्लेख नहीं है क्योंकि इस पुराण के वाचक शुकदेवजी की वे परम आराध्या और गुरु थीं, अतः वे उनका नाम नहीं ले सकते थे।
राधा का विशद विवरण ब्रह्मवैवर्तपुराण, गर्ग संहिता, पद्मपुराण और नारद पंचतंत्र में है। इस पुस्तक के लेखन में इन सब ग्रंथों से सहायता ली गई है।

राधारानी: एक विहंगम दृष्टि:- जन्म; श्रीकृष्ण के वामभाग से राधा का प्रादुर्भाव; ‘राधा’ शब्द की तात्विक व्याख्या; नामकरण; राधावतार; राधा-वल्लभ साम्यता; राधारानी के पच्चीस गुण; राधा को निःसंतानता का शाप; पृथ्वी लोक में राधारानी का कृष्ण से विवाह न होना; ब्रह्माजी द्वारा राधा-कृष्ण का विवाह; राधा नाम की महिमा; राधा की मदीया भक्ति; प्रभु की रुग्णता; श्रीमद्भागवत में राधा नाम का न होना; राधारानी का प्रभु द्वारा शृंगार; राधा-कृष्ण पुर्नमिलन; राधारानी को प्रभु द्वारा आध्यात्मिक योग के बारे में बताना; राधा द्वारा श्रीकृष्ण का अन्य स्त्रियों से प्रेम का वर्णन; राधा का अन्य गोपियों से डाह का चित्रण; राधा-श्याम की जोड़ी पर एक पद; राधा तथा व्रजांगनाओं की सिद्धाश्रम में श्रीकृष्ण से भेंट; राधारानी के सैंतीस नाम; राधारानी के सोलह नाम; राधा की सखियाँ; ललिता; नारदजी द्वारा राधा-दर्शन; नारायण ऋषि द्वारा नारदजी को राधा का रहस्य बताना; ऋग्वेद में राधा।

You Recently Viewed Products